Directors Message

प्रिय छात्रों,/अभिभावको

षिक्षा प्राप्त करने का आषय मात्र अच्छे अंक प्राप्त करना एवं मेरिट में स्थान प्राप्त कर लेना ही नहीं हैं

एक सफल व्यक्ति वह नहीं हैं जिसके पास पूंजी या ज्ञान का अपार भण्डार हैं अपितु एक सफल व्यक्ति तो वह हैं, जो ज्ञान तथा संसाधनों का प्रयोग करके अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करता हैं तथा देष के विकास में भागीदार होता हैं। प्रतिस्पर्धा हमारे मानसिक एवं बौद्धिक विकास में वहुत महत्वपूर्ण होती हैं यह हमें ओरों से बेहतर बनने के लिए प्रेरित करती है।

एग्रीकल्चर एजुकेषन आज के समय में पहली प्राथमिकता बन गई है। अन्य क्षेत्रों में बढ़ती हुई प्रतियोगिता व अवहनीय खर्च के कारण एग्रीकल्चर सेक्टर में छात्रों का रूझान तेजी से बढ़ रहा हैं। कम खर्च में सुनिष्चित व सुरक्षित भविष्य की संभावनाओं के कारण आज यह क्षेत्र रोजगार के कई नये आयाम उपलब्ध कराने वाला बन गया है।

एक ओर जहाँ पहले एग्रीकल्चर को सिर्फ खेती बाड़ी, पशुपालन तक ही सीमित समझा जाता था। वही आज टेक्नोलाॅजी एवं उन्नत कृषि पद्धति को अपनाने से इस विषय में भी अपार रोजगार व व्यवसाय की संभावनाएं उपलब्ध है, और कृषि उपाधी धारक विद्यार्थियों को बहुराष्ट्रीय कम्पनीयों द्वारा लाखों का पेकेज मिलना बहुत बड़ी उपलब्धी है।

हमारे देष में एग्रीकल्चर सेक्टर का महत्व किसी भी दृष्टिकोण से कम नहीं है। भारतीय जनसंख्या की लगभग 55ः आबादी परोक्ष या अपरोक्ष रूप से कृषि संबंधी व्यवसाय से जुड़ी हुई है, तथा मनुष्य की मुलभुत आवष्यकताओं जैसे रोटी, कपड़ा, मकान आदि की पुर्ती हमेषा से कृषि से ही हो रही है। अतः एग्रीकल्चर सेक्टर में रोजगार तथा व्यवसाय की संभावनाएं बढ़ना स्वाभाविक हैं। कृषि के क्षेत्र में विभिन्न प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को कुषल मार्गदर्षन देने तथा रोजगार की राह आसान बनाने के संकल्प के साथ ही आज एपीकल एग्री. एकेडमी 12 वर्षों के अनुभव के साथ अपने पथ पर अग्रसर है।

छात्रों एवं अभिभावकों के विष्वास एवं दृढ़ संकल्प के कारण ही आज हम प्रदेष एवं राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में मेरिट में स्थान पाने में सफल हुए है।

एग्रीकल्चर सेक्टर में क्रान्तिकारी परिवर्तन लाकर छात्र/छात्रायें देष की तरक्की में भागीदार बने।

प्राणीनां प्राणदा कृषि